now there is no fear of them. Whatever children learn, it happens.

now there is no fear of them. Whatever children learn, it happens.

 

और कहानी सुनाती।

कोई डर है और पिटाई

हीं कहीं अधूरी रहती

प्यार से दीदी बार-बार ख है। अपने बच्चे को तो हम खूब

इनका अच्छा है। इन्हें जरूर आगे बढ़ना चाहिए।

 

और देखिए, जो बच्चे देख नहीं सकते उनके लिए भी अब पढ़ना मुश्किल नहीं है। उन बच्चों की पढ़ाई के लिए ब्रेल लिपि’ में लिखी किताबें मिलती है। जोरूप से अक्षम है उनकी भी पढ़ाई नहीं रुकेगी। उनके आने-जाने और चलने-फिरने के लिए सरकार की तरफ से विशेष सुविधा

 

ही सोचें, जब सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए इतनी सारी लोग इनक

 

हुआ कुछ लोगों के मन पर इसका असर भी हुआ। उसे देखने के हुए अपने बच्चों को फिर से स्कूल भेजने लगे। बाकी लोगों को के फिरऔर उनके बच्चों को भी फिर से

 

पाठ से

 

सही विकल्प चुनकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून के अनुसार

 

क) 5 साल से 16 साल तक

 

ग) 6 साल से 18

 

(ख) 6 से 14

 

(प) 4 से 15

 

के सभी बच्चों के लिए मुफ्त है।

 

आजकल बच्चों को स्कूल में क) किताबें

 

ग) दोपहर का खाना

 

प) ऊपर लिखे गए सभी होते हैं। माँ-बाप तथा अभिभावकों को बच्चों को काम पर नहीं, स्कूल भेजना चाहिए,

 

क्योंकि

 

क) पढ़ने का अधिकार सका है। ख) काम करत (ग) काम में पैसा कम है। बहुत है।

 

स्कूल में बच्चे सिर्फ

 

क) पढ़ते रहते हैं।

 

ग) पढ़ाई हो नहीं खेलकूद

 

बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए

 

घ) पढ़ाई और खेलकूद करते हैं।

 

क) जन्म उपए) है।

 

पाठ के आस-पास

 

स्कूल में पढ़ाई करने से क्या-क्या लाभ हो सकते हैं? इस विषय पर समूह में बैठकर चर्चा करो और निष्कर्ष लिखकर कक्षा में सुनाओ।

 

आजकल सरकार 6 से 14 साल तक के सभी बच्चों की पढ़ाई के काफी सुविधाएँ प्रदान कर रही है। उदाहरण के लिए

 

लिए

 

रजनी

 

 

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