Fly away in search of deer. While flying he kept calling the deer, “Deer. Where are you dear deer?”

Fly away in search of deer. While flying he kept calling the deer, “Deer. Where are you dear deer?”

 

कुछ समय बाद उसे अपनी पुकार के जवाब में एक हल्को आवाज सुनाई दी। यह

 

‘बचाओ, मुझे बचाओ”, हिरन कह रहा था, “मैं यहाँ है यहाँ।” कौवा नीचे आया तो देखा कि हिरन एक जाल में फैसा है।

 

“ओह, तुम तो जाल में फँसे हो!” कौवे ने दुःखी होकर कहा, “अब क्या किया जाए? अच्छा ठहये, मैं तुम्हारी मदद के लिए दोस्तों के पास जाता हूँ।”

 

अपने दोस्त को देख हिरन की आँखों में आँसू भर आए, उसने कहा, “भाई, जो ठीक समझ करो, मगर जो कुछ करना हो जल्द करो।”

 

कौवा फुर्ती से उड़ता हुआ झील के पास लौट आया। उसे देखते ही चूहा और दोनों एक साथ बोलने लगे

 

“क्या हमारा मित्र मिल गया ?”

 

“हाँ दोस्तो, हाँ” कौवे ने कहा, “मित तो गया लेकिन इस समय वह भारी खतरे में

 

कौवे ने हिरन के जाल में फँसे होने की सारी कहानी अपने मित्रों को कह सुनाई।

 

इस पर ने चटपट एक उपाय सोच निकाला। उसने कहा, “चिंता की कोई को आजाद कर सकता है।”

 

“हो क्यों नहीं?” चूहे ने कहा, “लेकिन मैं उसके पास

 

अपनी पीठ पर बैठकर से” “तो आओ चलें” हे ने कहा और उचक

 

करत चूहे को लेकर कौवा उड़ा और थोड़ी ही देर में हिरन के पास जा पहुं पहुँचते ही चूहा फौरन कौवे की पीठ से उतरा और अपने पैने दाँतों में जाने जरा ही देर में हिरन को आजाद कर दिया। हिरन उठ खड़ा हुआ। उसो ग हुआ उनका चौथा साथी का भी वहीं आ पहुंचा।

 

सब हिरन के बच निकलने को चर्चा करने लगे। अचानक किसी के आ सुनकर चारों चुप हो गए। उन्होंने देखा सामने से बहेलिया चला आ रहा है।

 

बहेलिये पर नजर पड़ते ही कौवा उड़कर एक ऊँचे पेड़ की पर एक बिल में जा छिपा और हिरन चौकड़ी भरता हुआ पलभर में गायब हो लेकिनबेचारा क्या करता? वह जैसे-जैसे एक को बहेलिये ने पास आकर देखा तो जाल खाली देख भौचक रह गया। ” अरे। यह क्या ?” उसने कहा, “फैसा फैसामा हिन भाग निकला।

 

वह चकित होकर इधर-उधर देखने लगा। अचानक उसकी निगाह की ओर रेंगते हुए कहने पर पड़ी।

 

उसने कहा, “यहाँ तो वेराम दिखायी दे रहे हैं। चलो आज इन्हीं का

 

जाएगा।”

 

उसने लपक करने को पकड़ा और एक थैले में बंद कर घर को और दिय पेड़ पर बैठा हुआ कौवा इस सारी घटना को देख रहा था।

 

“ओ चूहे भाई! ओ हिरन भाई” उसने अपने दोस्तों को कार आओ, जल्दी हमारा मित्र का भारी मुसीबत में फंस गया है।” चूहा और हिरन तुरंत भागे-भागे कौबे के पास आए।

 

कौवे नेक को आजाद कैसे कराया जाए” “जो कुछ भी करना डालना चाहिए।”

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